हेमंत आर्य। द्वापर युग की महाभारत में गंगा पुत्र भीष्म ने अजीवन कुंवारा रहकर अपने राज्य की सेवा-सुरक्षा का संकल्प लिया था। वहीं वर्तमान कलयुग में भाजपा नेता योगेंद्रसिंह बंटी बना लोगों के घरों में गंगा जल पहुंचाने का पुनित कार्य कर गंगा पुत्र बने हुए हैं। बंटी बना अपने पिता स्व. मनोहरसिंह जी के पदचिन्हों पर चलते हुए जनसेवा की भीष्म प्रतिज्ञा पर अडिग हैं। पिछले 3 वर्षों से बंटी बना के जन्मदिन 11 अगस्त पर मनोहर मानव सेवा समिति द्वारा शाजापुर जिले के शुजालपुर में निकाली जाने वाली गंगा जल शोभायात्रा पूरे मध्यप्रदेश में एक अनूठे धार्मिक आयोजन का रूप लेती जा रही है।
उल्लेखनीय है कि 11 अगस्त 1973 को शाजापुर जिले के ग्राम बोलाई में मालवांचल के दिग्गज सहकारिता नेता एवं पूर्व विधायक स्व. मनोहरसिंह जी के घर जन्में योगेंद्रसिंह बंटी बना शाजापुर और आगर मालवा जिले सहित आसपास के क्षेत्रों में सर्वहारा वर्ग की बुलंद आवाज बनकर उभरे है। बंटी बना ने मालवांचल की राजनीति में अपनी एक अलग ही पहचान बनाई है। पिता के पदचिन्हों पर चलते हुए बंटी बना ने नर सेवा, नारायण सेवा को अपना ध्येय वाक्य बनाया है और समाज के अंतिम छोर पर बैठे सर्व समाज और किसानों की आवाज को बुलंद किया। इसके परिणाम स्वरूप पिछले एक दशक के दौरान उनकी पैठ किसानों और सर्व समाज में मजबूत होती चली गई। बंटी बना ने भी अपने स्वर्गीय पिता की भांति ही छल-प्रपंच की राजनीति से दूर रहकर आम आदमी के जमीनी नेता के रूप में अपनी पहचान बनाई है।
दलगत राजनीति से हटकर लालघाटी स्थित उनके निवास पर पहुंचने वाला कोई भी जरूरतमंद या परेशान व्यक्ति कभी खाली हाथ नहीं लौटता। शासन-प्रशासन से लेकर व्यक्तिगत तौर पर लोगों की हर संभव मदद की जाती है बंटी बना द्वारा। अपनी समस्याओं को लेकर उनके पास पहुंचने वाला हर व्यक्ति पूर्णतः संतुष्ट होकर ही लौटता है। यही कारण है कि बंटी बना का जनाधार क्षेत्र में लगातार बढ़ता ही जा रहा है। क्षेत्र के युवाओं, किसानों एवं आम लोगों में बंटी बना का अपना एक अलग ही प्रभाव और आकर्षण हैं। उनकी सहज उपलब्धता और विनम्र स्वभाव से कोई भी व्यक्ति प्रभावित हुए बगैर नहीं रह पाता। बंटी बना से एक बार मिलने के बाद कोई भी व्यक्ति उनका ही होकर रह जाता है। बंटी बना का मानना है कि प्रत्येक धर्म हर व्यक्ति को समानता और करूणा की शिक्षा देता है न कि भेदभाव की। उनके इन्हीं विचारों ने उन्हें विभिन्न धार्मिक समुदायों में लोकप्रिय बनाया, इसीलिए वे क्षेत्र में सभी समाज, धर्म और सर्वहारा वर्ग के सच्चे हितैषी कहे जाते हैं।
गंगा जल का विशेष महत्व
सनातन धर्म में गंगा जल का विशेष महत्व है। किसी भी स्थान या तन-मन की शुद्धी के लिए प्रत्येक सनातनी गंगा मैया का आह्वान कर उनके जल का उपयोग करता है। इसी के चलते वर्ष 2023 में जीवन के 50 वर्ष पूर्ण कर 51वें साल में प्रवेश करने पर बंटी बना ने पवित्र श्रावण माह में गंगा जल शोभा यात्रा की शुरूआत की थी, जिसे क्षेत्रवासियों का अपार समर्थन मिला। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए लगातार तीसरे वर्ष 11 अगस्त 2025 सोमवार को मनोहर मानव सेवा समिति द्वारा शुजालपुर में भव्य गंगा जल शोभा यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। क्षेत्रवासियों के घर-घर पवित्र गंगाजल पहुंचाने के पावन उद्देश्य को लेकर प्रारंभ की गई गंगाजल शोभायात्रा में लोगों की आस्था का नजारा शुजालपुर में देखते ही बनता है। हजारों महिलाएं एवं पुरूष भगवान शिव की जटाओं से निकली गंगा मैया के पवित्र जल को प्राप्त करने शोभायात्रा के रूप में जटाशंकर महादेव तक पहुंचते हैं। साथ ही भूत भावन भगवान भोलेनाथ का पूजन अभिषेक करते हुए वर्षभर क्षेत्र में सुख, शांति, समृद्धि की कामना करते हैं। बंटी बना द्वारा प्रारंभ की गई गंगाजल शोभायात्रा शाजापुर जिले सहित प्रदेश में शुजालपुर की पहचान बनती जा रही है।
चुनावी साल में याद आता है धर्म…
राजनीति और धर्म दोनों एकदूसरे के पूरक हैं। यही कारण है कि किसी भी चुनाव के पूर्व कई नेता अपनी राजनीति चमकाने और वोट प्राप्त करने के लिए धर्म का उपयोग करते हैं। इसके चलते चुनावी साल में विभिन्न प्रकार के सामाजिक और धार्मिक आयोजनों की बाढ़ आ जाती है। चुनाव से पहले देश के बड़े-बड़े साधु-संतों के धार्मिक आयोजन कराकर नेता अपने राजनीतिक स्वार्थों को सिद्ध करने की कोशिश करते हैं और स्वार्थ सिद्धी नहीं होने पर गायब हो जाते हैं। लेकिन पिछले 3 वर्षों से शुजालपुर में निकलने वाली गंगा जल शोभायात्रा एक अपवाद है। यह धार्मिक आयोजन शुद्ध रूप से धर्म और मानव सेवा को समर्पित है। इस आयोजन के माध्यम से पतित पावनी गंगा मैया के जल एवं रुद्राक्ष का वितरण लोगों को किया जाता है। यही कारण है कि क्षेत्रवासी इस आयोजन का बड़ी ही बेसब्री से इंतजार करते हैं।

Author: Hindusta Time News
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