टैरिफ का बचाव स्वदेशी से होगा ?

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राकेश अचल। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ शुल्क का श्रीगणेश आज बुधवार से लागू हो रहा है। आज से ही देश में श्री गणेशोत्सव भी आरंभ हो रहा है। भारत अमेरिका के इस आर्थिक हमले का मुकाबला स्वदेशी के नारे के साथ करने जा रहा है। इस हिसाब से ये भारत के लिए इस दशक की कहिए या मोदी युग की शायद पहली और आखिरी अग्नि परीक्षा है।
आपको बता दें कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी के प्रिय मित्र अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाया गया कुल टैरिफ 50 फीसदी पर पहुंच गया है, जो दुनिया में किसी भी देश की तुलना में सबसे ज्यादा है। यह टैरिफ भारत के लगभग 48 अरब डॉलर के निर्यात को प्रभावित करेगा। अब इसका सबसे ज्यादा असर कपड़ा क्षेत्र पर नजर आ रहा है। ताजा खबर है कि देश के कई बड़े शहरों में कपड़ा उत्पादन रोक दिया गया है। मोदी जी के मित्र ट्रंप साहब अचानक मोदी जी और भारत के शत्रु कैसे बन गए ये हकीकत केवल मोदी जी और डोनाल्ड ट्रंप साहब जानते हैं। ट्रंप ने भारत पर शुरुआत में 25 प्रतिशत शुल्क लगाया था और साथ ही रूसी तेल खरीदने को लेकर जुर्माना भी थोपा था। खास बात यह है कि भारत के अलावा सिर्फ ब्राजील ही है, जिस पर इतना भारी टैरिफ लगाया गया है। भारत और ब्राजील उस ब्रिक्स के संस्थापक सदस्य हैं, जो अमेरिका की आंख की किरकिरी बना हुआ है।
फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन्स के अध्यक्ष एससी राल्हान के मुताबिक ‘बढ़ती लागत प्रतिस्पर्धा के बीच कपड़ा उत्पादकों ने तिरुपुर, नोएडा और सूरत में उत्पादन रोक दिया है। यह क्षेत्र वियतनाम और बांग्लादेश के कम लागत वाले प्रतिद्वंदियों के सामने पिछड़ रहा है। कपड़ा उद्योग के बाद सबसे बड़ा संकट सीफूड पर है। सीफूड में खासतौर से झींगा है। अब जब अमेरिका ही भारतीय सीफूड एक्सपोर्ट का करीब 40 फीसदी हिस्सा लेता है तो भंडार में कमी, सप्लाई चेन में परेशानी और किसानों की तकलीफ जैसे कई जोखिम और बढ़ गए हैं’। अमेरिका के टैरिफ हमले के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्राजील की तरह विरोध का एक शब्द न संसद में बोला और न संसद के बाहर, लेकिन राल्हान जैसे लोग बोल उठे हैं। राल्हान ने कहा कि ’50 फीसदी टैरिफ से अपने सबसे बड़े निर्यात बाजार में भारतीय सामान पर गंभीर असर होगा’। उन्होंने कहा कि ‘इसके चलते अमेरिका जाने वाले भारतीय सामान को भी भारी झटका लग सकता है। चीन, वियतनाम, कंबोडिया, फिलिपींस और दक्षिण पूर्व और दक्षिण एशियाई देशों की तुलना में भारतीय सामान प्रतिस्पर्धा से बाहर हो गया है’। राल्हान ही नहीं बल्कि कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन टेक्सटाइल इंडस्ट्री ने कहा है कि ‘कपड़ा उत्पादक सरकार की तरफ से राहत मिलने की राह देख रहे हैं’। सीआईटीआई अध्यक्ष राकेश मेहरा ने कहा ‘सरकार इंडस्ट्री से बात कर रही है कि कैसे वह इस समय हमारी मदद कर सकती है, लेकिन हालात की गंभीरता के मद्देनजर हम चाहते हैं कि वित्तीय मदद के जरिए मजबूत समर्थन मिले और कच्चे सामान की उपलब्धता के मामले में नीति स्तर पर जल्द फैसले लिए जाएं’।
खबर है कि भारत और अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों ने असैन्य परमाणु सहयोग को मजबूत करने सहित व्यापार और निवेश, महत्वपूर्ण खनिजों और ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की है। ‘टू प्लस टू’ अंतरसत्रीय वार्ता के ढांचे के तहत सोमवार को डिजिटल तरीके से हुई वार्ता व्यापार और शुल्क पर ट्रंप प्रशासन की नीतियों को लेकर दोनों देशों के बीच संबंधों में तनाव की पृष्ठभूमि में हुई, लेकिन अभी तक अमेरिका पिघला नहीं है। जिस दिन भारतीय उत्पादों पर अमेरिकी सरकार की ओर से 50 फीसद का अतिरिक्त टैक्स लगने वाला है, उस दिन पीएम नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर स्वदेशी और मेक इन इंडिया को आगे बढ़ाने की जोरदार वकालत की है। लेकिन उन्होंने ये नहीं बताया कि भारत ने अमेरिका की हेकडी से निबटने के लिए क्या तैयारी की है। आपको बता दें कि भारत की विदेश नीति का हिंदूकरण करने के फेर में हमारी सरकार गच्चा खा गई और अब प्रधानमंत्री आक्रामक होने के बजाए बचाव की मुद्रा में चीन और रूस की बैशाखियां लगाकर खड़े रहने की कोशिश कर रहे हैं। माननीय मोदी जी की ये कोशिश अमेरिका के लिए आग में घी का काम कर रहीं है। इससे संकट कम होने के बजाए और बढ़ने की आशंका है।
पूरा देश मोदी जी की नाकामियों के बावजूद संकट की इस घड़ी में मोदी जी के स्वदेशी के मंत्र का जाप करना चाहता है, लेकिन भारत के बाजार तो चीनी उत्पादों से अटे पड़े हैं। स्वदेशी के लिए बाजार में जगह ही कहां बची है। भगवान गणेश जी ही अब देश को अमेरिका के इस प्रतिबंधात्मक हमले से बचा सकते हैं। मजे की बात ये है कि ट्रंप अभी भी मोदी जी के मुरीद हैं। समाचार एजेंसी एएनआई की ओर से जारी वीडियो में डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस में रक्षा मंत्री पीट हेक्सेथ के साथ बैठे दिख रहे हैं। ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘शानदार व्यक्ति’ बताते हुए कहा कि ‘उन्होंने उन्हें फोन कर साफ शब्दों में कहा था कि अगर हालात नहीं सुधरे तो अमेरिका भारत पर ट्रेड बैन और भारी टैरिफ लगाएगा’।
(ये लेखक के अपने विचार हैं।)

“श्री राकेश अचल जी मध्यप्रदेश के ऐसे स्वतंत्र लेखक हैं जिन्होंने 4 दशक (40 साल) तक अखबारों और टीवी चैनलों के लिए निरंतर काम किया। देश के प्रमुख हिंदी अखबार जनसत्ता, दैनिक भास्कर, नईदुनिया के अलावा एक दर्जन अन्य अखबारों में रिपोर्टर से लेकर संपादक की हैसियत से काम किया। आज तक जैसे टीवी चैनल से डेढ़ दशक (15 सालों) तक जुड़े रहे। आकाशवाणी, दूरदर्शन के लिए नियमित लेखन किया और पिछले 15 सालों से स्वतंत्र पत्रकारिता तथा लेखन कर रहे है। दुनिया के डेढ़ दर्जन से अधिक देशों की यात्रा कर चुके अचल ने यात्रा वृत्तांत, रिपोर्टज, गजल और कविता संग्रहों के अलावा उपन्यास विद्या पर अनेक पुस्तकें लिखी हैं। उन्हें अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कार और सम्मान भी मिले हैं”।
Hindusta Time News
Author: Hindusta Time News

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